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इनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚जा (कारण और लकà¥à¤·à¤£) पर कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है
इनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚जा या फà¥à¤²à¥‚ à¤à¤• संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• शà¥à¤µà¤¸à¤¨ संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जो फेफड़ों, गले, नाक और कà¤à¥€-कà¤à¥€ कान को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है. इसे आमतौर पर उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है लेकिन पैरासिटामोल अधिकांश लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से राहत पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकती है. बहà¥à¤¤ ही गमà¥à¤à¥€à¤¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में, इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा निमोनिया, साइनस की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ और असà¥à¤¥à¤®à¤¾ जैसी गंà¤à¥€à¤° जटिलताओं का कारण बन सकता है. यदि आप सामानà¥à¤¯ फà¥à¤²à¥‚ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ होते हैं तो à¤à¥€ वारà¥à¤·à¤¿à¤• टीकाकरण इन जटिलताओं को रोक सकता है.
कारण
इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा वायरस हवा से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है और इसे खांसी, छींकने, तà¥à¤µà¤šà¤¾ से तà¥à¤µà¤šà¤¾ संपरà¥à¤• होने पर या à¤à¤• दूषित वसà¥à¤¤à¥ को छूने जैसे अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· संपरà¥à¤• के माधà¥à¤¯à¤® से फैलाया जा सकता है. टाइप à¤, टाइप बी और टाइप सी इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा वायरस शà¥à¤µà¤¸à¤¨ अंगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं. कमजोर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ वाले लोग दूसरों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक आसानी से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होते हैं- 4 वरà¥à¤· से कम आयॠके बचà¥à¤šà¥‡, 60 वरà¥à¤· से उपपर की आयà¥, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं, मोटापे से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ लोग और किडनी की बीमारियों और डायबिटीज से पीड़ित लोग संकà¥à¤°à¤®à¤£ का अधिक जोखिम रखते हैं. वायॠपà¥à¤°à¤¦à¥‚षण à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ को बढ़ा देता है. अगर आपको पहले संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होते है तो वायरस से लड़ने के लिठआपके शरीर में आवशà¥à¤¯à¤• à¤à¤‚टीबॉडी à¤à¥€ कम संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है. à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहै कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा वायरस लगातार बदलाव करता है और वायरस के नठउपà¤à¥‡à¤¦ तेजी से दिखाई देते हैं. इसलिà¤, à¤à¤‚टीबॉडी जो à¤à¤• विशेष रूप से काम करती है, दूसरों के खिलाफ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ ढंग से काम नहीं करती है. यही कारण है कि टीकाकरण इस बीमारी के खिलाफ à¤à¤• मूरà¥à¤–तापूरà¥à¤£ निवारक तकनीक à¤à¥€ नहीं है.
लकà¥à¤·à¤£
इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा के लकà¥à¤·à¤£ संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कà¥à¤› दिनों के à¤à¥€à¤¤à¤° ही दिखने लगते हैं. कà¥à¤› मामलों में, संकà¥à¤°à¤®à¤£ असमà¥à¤¬à¤¦à¥à¤§ हो सकता है. जब वे लकà¥à¤·à¤£ दिखाते हैं, तो लकà¥à¤·à¤£ बहà¥à¤¤ आम होते हैं- उचà¥à¤š बà¥à¤–ार, कंपकंपी, नाक अवरà¥à¤¦à¥à¤§ और नाक बहने, बार-बार खांसी और छींक और छाती में अवरोध मà¥à¤–à¥à¤¯ संकेत हैं. बाद के चरणों में, सिरदरà¥à¤¦, शरीर में दरà¥à¤¦, सामानà¥à¤¯ थकान, लाल और आंखों में पानी, गले में दरà¥à¤¦ और बोलने में कठिनाई होती है. जिन मामलों में रोगी à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ होता है, वहां कà¥à¤› अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ हैं जैसे पाचन और गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚टेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² विकार जैसे मतली, उलà¥à¤Ÿà¥€, दसà¥à¤¤ और पेट दरà¥à¤¦. पिछले दो विशेष रूप से उन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में आम हैं जो इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा वायरस टाइप बी से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हैं. वृदà¥à¤§ लोगों को अकà¥à¤¸à¤° वायरस के लिठकम पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ होता है. यही कारण है कि फà¥à¤²à¥‚ तेजी से बढ़ता है और पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• वायरल निमोनिया या माधà¥à¤¯à¤®à¤¿à¤• जीवाणॠनिमोनिया जैसी जटिलताओं फैलता हैं. à¤à¤¸à¥‡ मामलों में, सांस लेने की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚, बलगम में रकà¥à¤¤ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, लाल और खà¥à¤œà¤²à¥€ वाली तà¥à¤µà¤šà¤¾ और पेटीचियल चकतà¥à¤¤à¥‡ (केशिका रकà¥à¤¤ वाहिकाओं में मामूली छिदà¥à¤° के कारण) के गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£ हैं. यदि आप किसी विशिषà¥à¤Ÿ समसà¥à¤¯à¤¾ के बारे में चरà¥à¤šà¤¾ करना चाहते हैं, तो आप à¤à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ ले सकते हैं.
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